दिल्ली में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के सेवा विवादों के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) में समर्पित कानूनी प्रतिनिधित्व।
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) की स्थापना प्रशासनिक न्यायाधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के सेवा विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए की गई थी। नई दिल्ली में स्थित इसकी प्रिंसिपल बेंच (Principal Bench) के पास दिल्ली के भीतर सभी केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों से जुड़े सेवा मामलों का क्षेत्राधिकार है। भर्ती, वरिष्ठता (Seniority), पदोन्नति (Promotion), वेतन, पेंशन, स्थानांतरण, और अनुशासनात्मक कार्यवाहियों से जुड़े विवाद कैट के अंतर्गत सुलझाए जाते हैं। हमारी टीम इन सेवा नियमों (CCS Rules) की गहरी समझ के साथ कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पदोन्नति (Promotion) से अनुचित इनकार और वरिष्ठता नियमों का उल्लंघन केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे आम शिकायतें हैं। हम उन विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की कार्यवाहियों को चुनौती देते हैं जहां स्थापित नियमों का पालन नहीं किया गया हो, और वरिष्ठता सूची में आपका उचित स्थान सुरक्षित करने के लिए कैट के समक्ष मूल आवेदन (Original Application) दायर करते हैं।
केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के तहत विभागीय जांच (Departmental Inquiry) या निलंबन का सामना कर रहे कर्मचारियों को विशिष्ट प्रक्रियात्मक अधिकार प्राप्त हैं। हम जांच अधिकारियों की रिपोर्ट को चुनौती देने, अवैध निलंबन को समाप्त कराने और अनुचित बर्खास्तगी के मामलों में न्यायाधिकरण के समक्ष प्रभावी बचाव पेश करते हैं।
यद्यपि सरकार को स्थानांतरण मामलों में व्यापक विवेकाधिकार प्राप्त है, लेकिन यदि स्थानांतरण द्वेषपूर्ण (Malafide) है, विभाग की अपनी स्थानांतरण नीति के विपरीत है, या वैधानिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसे न्यायाधिकरण में चुनौती दी जा सकती है। हम स्थानांतरण आदेशों पर रोक (Stay Order) प्राप्त करने के लिए तत्परता से याचिकाएं दायर करते हैं।
जीवन भर की सेवा के बाद, पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि या अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में देरी या अनुचित रोक गंभीर वित्तीय संकट पैदा करती है। हम इन लाभों की समय पर निकासी सुनिश्चित करने और देरी की अवधि के लिए ब्याज प्राप्त करने के लिए कैट के समक्ष Original Application दाखिल करते हैं।
केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी और केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के कर्मचारी कैट में मामला दायर कर सकते हैं। राज्य सरकार के कर्मचारी कैट का रुख नहीं कर सकते; उनके लिए राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (SAT) होते हैं। सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी भी पेंशन लाभों के लिए कैट में आवेदन कर सकते हैं।
हाँ, सामान्य नियम के रूप में, कर्मचारी को पहले अपने विभाग में सक्षम प्राधिकारी के पास औपचारिक लिखित शिकायत (विभागीय अभ्यावेदन) देनी चाहिए और मूल आवेदन (OA) दायर करने से पहले कम से कम तीन महीने तक जवाब की प्रतीक्षा करनी चाहिए। अत्यंत तात्कालिकता में न्यायाधिकरण इस नियम में छूट दे सकता है।
हाँ, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के आदेश को संबंधित उच्च न्यायालय के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत रिट याचिका दायर करके चुनौती दी जा सकती है। दिल्ली में कैट की प्रिंसिपल बेंच के आदेशों को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाती है। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।
कैट का गठन सेवा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए किया गया था। स्थानांतरण या निलंबन के खिलाफ स्थगन आदेश (Stay) जैसे अति आवश्यक मामलों की सूची कुछ ही दिनों में तैयार हो सकती है और अंतरिम रोक प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, न्यायाधिकरण के स्तर पर अंतिम निपटारे में 1 से 3 वर्ष का समय लग सकता है।